| शीर्षक |
प्रसिद्धी |
प्रयोग |
| राजकन्येची सावली हरवली |
शिशुरंजन |
१९६१ |
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प्रयोग : लिटल थिएटर वर्षदिन |
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दिग्दर्शक; रत्नाकर मतकरी |
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भूमिका : भक्ती बर्वे, पौर्णिमा भेंडे, मेधा वागळे |
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प्रयोग : कुमार कला केंद्र नाट्यस्पर्धा, भट हायसकूल |
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बालनाट्य स्पर्धेची पहिली निर्मिती |
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| जग एक शाळा आहे |
राजकन्येची सावली हरवली |
१९६१ |
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आकाशवाणी मुंबई केंद्र |
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| भामटे बावळे |
राजकन्येची सावली हरवली - सुनाद प्रकाशन |
१९६१ |
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प्रयोग : कुमार कला केंद्र नाट्यस्पर्धा, भट हायसकूल |
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प्रयोग : तीन नाटिका, 'बालनाट्य' |
१९६२ |
| मोहोरांची खिचडी |
कुमार, (कुमारचा पहिला अंक ) |
१९६१ |
| चंद्रावरचा ससा |
कुमार |
१९६१ |
| एक होता मुलगा |
कुमार |
१९६२ |
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प्रयोग: 'तीन नाटिका 'बालनाट्य' |
१९६२ |
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दिग्दर्शक : रत्नाकर मतकरी |
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भूमिका प्रतिभा मनोहर, रत्नाकर मतकरी, मधुकर नाईक |
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(या एकांकिकेतील "माग" हि भूमिका अनंत भावे , |
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सुरेश खरे व कमलाकर सारंग यांनी केली ) |
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| टुणूक टुणूक भोपळा |
साधना |
१९६२ |
| आनंदाचा दवाखाना |
कुमार, प्रयोग: 'ओंजळ', ठाणे, २००५ |
१९६३ |
| दगडा ,दगडा शिकव धडा |
बालवाडी |
१९६४ |
| गुजरातीमध्ये रूपान्तर |
आकाशवाणी मुंबई केंद्र |
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| आनंदाची बहादुरी |
कुमार |
१९६४ |
| किलोस सव्वा किलो |
कुमार |
१९६५ |
| जादूचे जोडे |
बालवाडी |
१९६५ |
| झोपाळू राजपुत्र |
लोकसत्ता |
१९६५ |
| राजकन्येच्या कावळ्याचा फार्स |
कुमार |
१९६६ |
| आरशाचा राक्षस |
बालोद्यान |
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| हुशार मुलांचे नाटक |
कुमार १९६७, संवेदना बालरंगभूमी विशेष, १९९८ |
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| साप -ससा -कवटी |
कुमार |
१९७० |
| आचार्य सर्वज्ञ |
किशोर |
१९७२ |
| मांजराला कधीच विसरू नका |
कुमार |
१९७२ |
| महाराजांचा महामुकुट |
कुमार, १९७६, प्रयोग : 'ओंजाळ' ठाणे, २००४ |
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| कहाणी कोरड्या गाभाऱ्याची |
कुमार, जोमेफ प्रकाशन, मुलांची नाटके |
१९७३, |
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(नॅशनल बुक ट्रस्ट),नुक्कड नाटक महोत्सवात , |
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प्रयोग भारत भवन भोपाळ येथे |
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दिग्दर्शक : रत्नाकर मतकरी |
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भूमिका : वसंत सोमण, रत्नाकर मतकरी, मालती अग्नेश्वर |
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अरविंद औंधे |
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| नवी मैत्रीण |
कुमार, जोमेफ प्रकाशन |
१९७६ |
| वेडपट नाटक |
कुमार, जोमेफ प्रकाशन |
१९७६ |
| मुले राज्यकारभार पाहतात |
कुमार, जोमेफ प्रकाशन |
१९७६ |
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आकाशवाणी मुंबई केंद्र |
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| धाकूचे नशीब |
कुमार, जोमेफ प्रकाशन |
१९७६ |
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इंग्रजी रूपांतर:'लकी धाकू'-कमल सन्याल सिंगल |
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थिएटर क्वाटरली |
१९९४ |
| तीर्थरूप देवबाप्पास |
बालवाडी / दूरदर्शन मुंबई केंद्र |
१९७७ |
| भोपळ्या राक्षस |
किशोर |
१९७८ |
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वरीलपैकी १३ नाटिकांवर आधारित चित्रमालिका |
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हंसे सीखो '(हिंदी)दूरदर्शन ,राष्ट्रीय वाहिनीवरून प्रसारित |
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कथा-पटकथा-संवाद:रत्नाकर मतकरी |
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दिग्दर्शन,निर्मिती :वीरेंद्र शर्मा |
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